लोकसभा ने मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी’ विधेयक पारित किया, सदन में जोरदार हंगामा

The Lok Sabha passed the 'Developed India - G Ram Ji' bill, replacing MNREGA, amidst massive uproar in the House.

नई दिल्ली: लोकसभा ने विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बीच ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ (संक्षेप में विकसित भारत-जी राम जी विधेयक) को पारित कर दिया। यह विधेयक 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा और ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करेगा।
कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पेश किया और चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी हमारे लिए केवल नाम नहीं, बल्कि आस्था और प्रेरणा हैं। सरकार बापू का अपमान नहीं कर रही, बल्कि उनके ग्राम स्वराज के सपने को साकार कर रही है। शिवराज ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने 2009 के चुनावों से पहले चुनावी लाभ के लिए योजना में गांधी जी का नाम जोड़ा था, जबकि मोदी सरकार ने इसे मजबूती से लागू किया।

सदन में लंबी बहस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर नाराजगी जताई और कहा कि अपनी बात कहकर दूसरों की न सुनना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है तथा यह गांधीवादी सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने विधेयक को गांवों के उत्थान और विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ते हुए कहा कि पूरा देश एक है – कश्मीर से कन्याकुमारी तक, चेन्नई से गुवाहाटी तक – और सरकार किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती।

शिवराज ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियां उद्धृत कीं और भारत माता को बचपन का झूला तथा बुढ़ापे की काशी बताया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का जिक्र करते हुए हिंदुत्व को ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो’ तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का सार बताया। मनरेगा की कमियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने योजना को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया और अधिक मानव दिवस सृजित किए।

विपक्ष ने विधेयक का कड़ा विरोध किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाम बदलने की ‘सनक’ पर सवाल उठाए और कहा कि इससे गरीबों का रोजगार अधिकार कमजोर होगा। कुछ विपक्षी सदस्यों ने विधेयक की प्रतियां फाड़कर मंत्री की ओर उछालीं, जिस पर शिवराज ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि गांधी जी का नाम हटाना उनकी विरासत पर हमला है और फंडिंग पैटर्न बदलने से राज्यों पर बोझ बढ़ेगा।

विधेयक में ग्रामीण अवसंरचना निर्माण पर जोर, डिजिटल निगरानी और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं का प्रावधान है। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, जबकि विपक्ष इसे मनरेगा की मूल भावना के खिलाफ बता रहा है। विधेयक अब राज्यसभा में विचार के लिए जाएगा।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment